CG News : छत्तीसगढ़ भाजपा में कार्यकारी अध्यक्ष की आहट ,किरण सिंह देव के अस्वस्थ होने के बाद संगठन में अहम बदलाव की चर्चाएं तेज

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय टीम के ऐलान के बाद अब छत्तीसगढ़ भाजपा के भीतर संगठनात्मक स्तर पर बड़े फेरबदल की सरगर्मियां बढ़ गई हैं। चर्चाएं जोरों पर हैं कि राज्य में संगठन के दैनिक कामकाज और आगामी सांगठनिक गतिविधियों को गति देने के लिए पार्टी जल्द ही कार्यकारी अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकती है।

दरअसल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव उत्तर प्रदेश में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे और फिलहाल दिल्ली में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक चोट से पूरी तरह उबरने में उन्हें अभी कई महीनों का वक्त लग सकता है। ऐसे में आगामी महत्वपूर्ण अभियानों और बैठकों को देखते हुए पार्टी आलाकमान संगठन का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

कार्यकारी अध्यक्ष की रेस में प्रमुख चेहरे

संगठन के नेताओं के बीच चल रही चर्चाओं में जो नाम उभरकर सामने आ रहे हैं, उनमें संतोष पांडेय का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। संतोष पांडेय राजनांदगांव सीट से लगातार दूसरी बार के सांसद हैं और पूर्व में भाजपा के प्रदेश महामंत्री भी रह चुके हैं। संगठन में काम करने का उनके पास लंबा और मजबूत तजुर्बा है। इसके अलावा पूर्व विधायक और पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकार शिवरतन शर्मा के नाम पर भी कयास लगाए जा रहे हैं। मैदानी राजनीति और कार्यकर्ताओं पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी का नाम भी चर्चाओं में शामिल था, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में उन्हें भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। ऐसे में अब संगठन के शीर्ष पद के लिए बाकी नामों पर फोकस बढ़ गया है।

कार्यकारी अध्यक्ष का चयन करने में भाजपा आलाकमान को कई प्रमुख क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने होंगे। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव बस्तर संभाग का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में यदि मैदानी क्षेत्र से किसी अनुभवी नेता को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाता है, तो प्रदेश भर में संगठन का क्षेत्रीय संतुलन मजबूत होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आदिवासी वर्ग से आते हैं, जबकि किरण सिंह देव सामान्य वर्ग से हैं। यदि संतोष पांडेय या शिवरतन शर्मा को सांगठनिक कमान मिलती है, तो मैदानी क्षेत्रों के सामान्य व पिछड़ा वर्ग कार्यकर्ताओं के बीच भी एक मजबूत राजनीतिक संदेश जाएगा। संतोष पांडेय सांसद होने के नाते दिल्ली केंद्रीय नेतृत्व से सीधा संपर्क रखते हैं, जबकि शिवरतन शर्मा की पकड़ राज्य स्तर के जमीनी कैडर पर बेहद प्रभावी है।

क्या होगी किरण सिंह देव की भूमिका?

पार्टी के राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी पुरजोर चर्चा है कि पूरी तरह अस्वस्थता से उबरने के बाद किरण सिंह देव की भूमिका बदली जा सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल में किरण सिंह देव को शामिल कर मंत्री पद दिया जा सकता है। जगदलपुर विधायक और बस्तर के बड़े चेहरे के रूप में किरण सिंह देव की सरकार में मौजूदगी से सत्ता और बस्तर क्षेत्र दोनों को मजबूती मिलेगी। यदि आलाकमान इस रणनीति पर आगे बढ़ता है, तो पार्टी संगठन में स्थायी रूप से नए चेहरे को पूर्णकालिक जिम्मेदारी भी सौंप सकती है। फिलहाल अंतिम फैसला भाजपा हाईकमान के पाले में है और सभी की निगाहें दिल्ली के निर्णय पर टिकी हुई हैं।

प्रदेश प्रभारी जल्द!

संगठन से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण पहलू छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी का पद है। बिहार के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन लंबे समय से छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन अब उनके पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह पद रिक्त है। केंद्रीय टीम की औपचारिक घोषणा हो जाने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि हाईकमान छत्तीसगढ़ के लिए जल्द ही नए प्रदेश प्रभारी के नाम की भी घोषणा कर देगा, ताकि राज्य में संगठन की कमान और समन्वय पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रहे।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *