BREAKING NEWS: अग्रवाल और सिंधी समाज के ईष्ट देव के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने वाले अमित बघेल ने किया थाने में सरेंडर, पुलिस ने 5 हजार रुपए का रखा था इनाम…

BREAKING NEWS: अग्रवाल और सिंधी समाज के ईष्ट देव के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने वाले अमित बघेल ने किया थाने में सरेंडर, पुलिस ने 5 हजार रुपए का रखा था इनाम…
रायपुर। अग्रवाल समाज और सिंधी समाज के ईष्ट देव के खिलाफ भड़काऊ बयान देने पर दर्ज मामले में भगोड़ा घोषित जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल ने देवेन्द्र नगर थाने में सरेंडर किया. इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना से समर्थक मौजूद थे.
सिंधी समाज के खिलाफ भड़काऊ बयान देने पर अमित बघेल के खिलाफ न केवल देवेंद्र नगर, बल्कि कोतवाली थाने में दर्ज हुआ था. मामले में अमित बघेल के नहीं मिलने पर रायपुर पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए 5 हजार का इनाम घोषित किया है. सरेंडर करने के दौरान अमित बघेल के साथ उनके वकील भी मौजूद हैं.

मौके पर मौजूद अमित बघेल के समर्थक छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला महामंत्री मनोज साहू ने सवाल उठाया कि जब उन्होंने खुद ही सरेंडर की बात कही थी तो पुलिस ने माहौल क्यों बनाया और क्यों झूमाझटकी जैसी स्थिति निर्मित की. उन्होंने आरोप लगाया कि राज शेखावत जैसे आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही है, और अमित बघेल के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश हो रही हैं.

उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी, लेकिन जब वे सरेंडर करने आए तो बेवजह माहौल बनाने की कोशिश हो रही है, झूमाझटकी की स्थिति निर्मित की जा रही है. अमित बघेल छत्तीसगढ़ के संस्कृति के रक्षक हैं, उन्हें जल्द राहत मिलनी चाहिए. वहीं जोहार छत्तीसगढ पार्टी के प्रवक्ता दीपक साहू ने कहा कि वे चाहते हैं कि अमित बघेल की जल्द रिहाई हो, ताकि वे अपने माता की अंत्येष्टि का कार्यक्रम संपन्न कर सके.

ईष्ट देव पर की थी टिप्पणियां

बता दें कि छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर 27 अक्टूबर को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज, सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल पर टिप्पणी की थी.

जानिए क्या है मूर्ति विवाद

दरअसल, 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई. अगले दिन अमित बघेल मौके पर पहुंची और जमकर हंगामा किया. इस दौरान बघेल समर्थक और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली.

हंगामे के बाद छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति दोबारा स्थापित कर दी गई. पुलिस ने अगले दिन सुबह राम मंदिर के पास से आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया था. आरोपी मानसिक रूप से बीमार था और उसने नशे में मूर्ति तोड़ी थी.

अग्रवाल समाज और सिंधी समाज भड़का

अमित बघेल की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद देशभर में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज भड़क उठा था. रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में समाज के लोगों ने विरोध जताते हुए FIR दर्ज करने की मांग की थी. सिंधी समाज के पदाधिकारियों ने कोतवाली थाने में अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

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