गन-प्वाइंट पर 1.5 करोड़ की चांदी की लूट निकली फर्जी: सराफा कारोबारी ने खुद रची थी साजिश, पुलिस की पूछताछ में किए चौंकाने वाले खुलासे

रायपुर। राजधानी रायपुर में बीते शनिवार को हुई कथित चांदी लूट की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी। सदर बाजार जैसे घनी आबादी वाले इलाके में गन पॉइंट पर 1.5 करोड़ की चांदी लूटे जाने की खबर ने पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा दिया था, लेकिन अब इस पूरे मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला कि यह पूरी वारदात फर्जी थी और लूट की साजिश खुद “पीड़ित” कारोबारी ने ही रची थी।

बता दें कि पुलिस अधीक्षक (SSP) लाल उम्मेद सिंह और एएसपी लखन पटले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया।

जानिए झूठी लूट की कहानी

घटना 4 अक्टूबर की बताई गई थी। सराफा कारोबारी राहुल गोयल अग्रवाल (39 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि रात 3 बजे दो नकाबपोश बदमाश उसके घर में घुसे। एक ने उस पर कट्टा तान दिया, जबकि दूसरे ने चाकू से हमला कर मुंह दबा दिया, जिससे वह बेहोश हो गया।

राहुल के अनुसार, सुबह 11 बजे जब उसे होश आया तो हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे और घर से लगभग 86 किलो चांदी (कीमत करीब ₹1.5 करोड़) गायब थी। उसने यह भी दावा किया कि बदमाश DVR भी साथ ले गए ताकि सबूत मिट जाएं।

पुलिस की जांच में खुली पोल

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। जब घटनास्थल की बारीकी से जांच हुई, तो पुलिस को कोई जबरन प्रवेश या संघर्ष के निशान नहीं मिले। पड़ोसियों ने भी रात में किसी तरह की हलचल नहीं सुनी। पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले, लेकिन किसी भी कैमरे में संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखी। मोबाइल लोकेशन की जांच में भी कारोबारी के दावे संदिग्ध पाए गए।

इसके बाद पुलिस ने राहुल गोयल से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दबाव में उसने सच उगल दिया कि लूट की पूरी कहानी मनगढ़ंत थी।

जुए और सट्टे में गंवाए लाखों, फिर रची साजिश

जांच में सामने आया कि राहुल गोयल पिछले कुछ महीनों से जुए और सट्टे में लाखों रुपए गंवा चुका था। दिवाली सीजन के लिए वह आगरा से करीब 200 किलो चांदी रायपुर लाया था। उसमें से 100 किलो वापस भेज दी, 14 किलो बेच चुका था, जबकि 86 किलो का कोई हिसाब नहीं था।

पैसे की कमी और कंपनी के बकाया भुगतान से बचने के लिए उसने लूट की फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराई ताकि चोरी का बहाना बनाकर अपनी जवाबदेही से बच सके।

पुलिस को शुरू से ही घटना पर संदेह था, क्योंकि घटनास्थल पर संघर्ष या घुसपैठ के कोई सबूत नहीं थे। जब कारोबारी से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपना अपराध कबूल किया। पूरा मामला झूठा था और उसने खुद ही लूट की कहानी गढ़ी थी।”

फिलहाल पुलिस ने आरोपी कारोबारी से चांदी का पूरा हिसाब-किताब खंगालना शुरू कर दिया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या उसने किसी और को इस साजिश में शामिल किया था या नहीं।

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