
डॉ. महंत ने कहा है कि कल रायपुर के मैग्नेटो मॉल में जो कुछ भी हुआ, वह न केवल शर्मनाक है बल्कि छत्तीसगढ़ की शांत और सौहार्द्रपूर्ण फिजा पर एक बदनुमा दाग है। क्रिसमस के पर्व पर सजावट को निशाना बनाना और वहां मौजूद आम नागरिकों व कर्मचारियों से उनका धर्म और जाति पूछकर डराना-धमकाना, यह साबित करता है कि प्रदेश में कानून का राज खत्म हो चुका है और गुंडा राज हावी है।

‘भाजपा सरकार के संरक्षण में असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद’
उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ हमेशा से ‘शांति का टापू’ रहा है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग मिलजुल कर प्रेम और भाईचारे के साथ अपने त्यौहार मनाते आए हैं, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार के संरक्षण में असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे खुलेआम राजधानी के बीचों-बीच दिनदहाड़े लाठियों के साथ घुसकर तोड़फोड़ कर रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
‘उपद्रवियों की तत्काल पहचान कर ठोस कार्रवाई की जाए’
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा है कि किसी से उसका धर्म पूछकर उसे आतंकित करना यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति कभी नहीं रही। मैं राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग करता हूं कि इस घटना में शामिल उपद्रवियों की तत्काल पहचान कर उन पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। सिर्फ खानापूर्ति नहीं, बल्कि ऐसी कार्रवाई हो जो एक नजीर बने। प्रदेश की शांति भंग करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।