छत्तीसगढ़ :कांग्रेस की बैठक में फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा, पूर्व मंत्री के सामने जमकर निकाली भड़ास..

कांग्रेस की बैठक में फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा, पूर्व मंत्री के सामने जमकर निकाली भड़ास…

बिलासपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के छत्तीसगढ़ दौरे की तैयारियां जोरों पर है। इस बीच आज पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक उमेश पटेल के बिलासपुर प्रवास के दौरान आयोजित जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक ली। इस दौरान तब माहौल गरमा गया जब पार्टी के संयुक्त महामंत्री देवी सिंह ठाकुर ने खुले मंच से कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मुद्दा उठा दिया। बैठक में प्रदेश स्तर के कई वरिष्ठ नेता और जिला पदाधिकारी मौजूद थे, लेकिन देवी सिंह ठाकुर की नाराजगी ने पूरी बैठक का माहौल बदल दिया।

“कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़, मगर हो रही उपेक्षा”

बैठक में बोलते हुए देवी सिंह ठाकुर ने कहा – जो कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, उन्हें न तो कार्यक्रमों में बुलाया जाता है, न ही निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जाता है। पार्टी में कुछ चुनिंदा लोगों की ही सुनी जा रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर यह रवैया नहीं बदला गया, तो जमीनी कार्यकर्ता हतोत्साहित होकर पीछे हट जाएंगे, जिससे संगठन कमजोर होगा।

वरिष्ठ नेताओं के सामने खुलकर रखी बात

देवी सिंह ठाकुर ने अपनी बात केवल नाराजगी तक सीमित नहीं रखी, बल्कि उन्होंने सीधे प्रदेश नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा – हम सिर्फ भीड़ जुटाने के लिए नहीं हैं। हमसे कार्यक्रम में जिम्मेदारी लेने को कहा जाता है, लेकिन सम्मान नहीं दिया जाता। ऐसे में हम कब तक खड़े रहेंगे? उनकी यह बात सुनकर कुछ कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन में सिर हिलाया और ‘सही कहा’ की आवाजें सुनाई दीं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि संगठन के अंदर नाराजगी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि नीचे तक फैल चुकी है।

नेताओं ने किया शांत करने का प्रयास

बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने देवी सिंह ठाकुर को समझाने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा पर ध्यान दिया जाएगा। पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने भी कहा कि हर कार्यकर्ता पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है। आपकी बातों को गंभीरता से लिया जाएगा और संगठन में समावेशिता को प्राथमिकता दी जाएगी।

भीतरखाने गुटबाजी की चर्चा तेज

इस पूरे घटनाक्रम के बाद बैठक समाप्त होते ही जिला कांग्रेस में भीतरखाने गुटबाजी की चर्चा तेज हो गई। पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि कई बार संगठन में मेहनतकश कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होती है और फैसले केवल ऊपर से थोपे जाते हैं। यह असंतोष आने वाले समय में संगठन के लिए चुनौती बन सकता है।

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