
रणजी ट्रॉफी 2025-26 के फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रच दिया। 1959 से इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीम ने पहली बार खिताब जीतकर 67 साल का लंबा इंतजार समाप्त कर दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने टीम को 2 करोड़ रुपये की इनामी राशि देने की घोषणा की है।
बता दें कि फाइनल का आयोजन बेंगलुरु के पास हुवली क्रिकेट ग्राउंड में हुआ। 24 फरवरी को जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और पहली पारी में 584 रन बनाए। जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रन पर ऑल आउट हो गई, जिससे जम्मू-कश्मीर को 291 रन की बढ़त मिली।
टीम ने कर्नाटक को फॉलोऑन के लिए बुलाने के बजाय दूसरी पारी खेली, जिसमें पांचवें दिन तक 4 विकेट पर 342 रन बनाए और पारी डिक्लेयर कर दी। फाइनल ड्रॉ घोषित होने के बाद, जम्मू-कश्मीर को पहली पारी की बढ़त के आधार पर विजेता घोषित किया गया।
जम्मू-कश्मीर के लिए मैच में कामरान इकबाल ने अपनी पारी में नाबाद 160 रन और साहिल लोत्रा ने नाबाद 101 रन बनाए। दोनों खिलाड़ियों ने कर्नाटक की टीम को कोई सफलता हासिल नहीं करने दी और अपनी पारी बढ़ाते हुए जम्मू-कश्मीर की कुल बढ़त 633 रन तक पहुंचा दी। इस जीत के साथ जम्मू-कश्मीर ने आठ बार की विजेता कर्नाटक को मात दी और रणजी ट्रॉफी में अपना पहला खिताब अपने नाम किया।
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
यह जीत न केवल जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। टीम ने 67 साल के इंतजार और निरंतर मेहनत के बाद खिताब हासिल किया, जो युवाओं और क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक है।
CM उमर अब्दुल्ला ने किया प्राइज मनी का ऐलान
सीएम उमर अब्दुल्ला ने टीम की सराहना करते हुए 2 करोड़ रुपये की इनामी राशि देने का ऐलान किया और खिलाड़ियों को देश का गौरव बढ़ाने के लिए बधाई दी। अब्दुल्ला ने कहा, खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए हाल ही में अधिसूचित सरकारी नियमों के तहत सरकारी नौकरियों का लाभ भी दिया जाएगा।