Raipur News | कोलकाता रेप मर्डर केस के विरोध में अंबेडकर के साथ अब AIIMS डाक्टरों की भी हड़ताल

Raipur News | कोलकाता रेप मर्डर केस के विरोध में अंबेडकर के साथ अब AIIMS डाक्टरों की भी हड़ताल

Raipur News | Now AIIMS doctors also on strike along with Ambedkar in protest against Kolkata rape murder case

रायपुर। कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में जूनियर महिला डॉक्‍टर से सामूहिक दुष्‍कर्म और हत्‍या की घटना के विरोध में रायपुर के मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल आज भी जारी रहेगी। वहीं एम्‍स के डॉक्‍टरों ने भी ओपीडी बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।

इससे पहले बंगाल में हुई घटना के विरोध में बुधवार को मेडिकल कालेज के जूनियर डाक्टरों ने हड़ताल किया। हड़ताल के कारण आंबेडकर अस्पताल की ओपीडी सेवाएं बंद रही। जूनियर डाक्टरों ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया। आपातकालीन में डाक्टरों ने इलाज किया। महिला चिकित्सा डाक्टर ने कोलकाता में हुई घटना को नुक्कड़ नाटक के माध्यम दिखाया। आंबेडकर अस्पताल में लगभग 300 जूनियर डॉक्टर हड़ताल में शामिल हुए।

जूनियर डॉक्‍टरों ने की सुरक्षा की मांग –

जुडो के पूर्व अध्यक्ष डा. प्रेम चौधरी ने कहा पिछले कुछ दिनों में मेडिकल कालेजों के डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। कॉलेज और अस्पताल परिसर में फैकल्टी, मेडिकल छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों सहित सभी कर्मचारियों के लिए काम का सुरक्षित माहौल बने। ओपीडी, वार्ड, कैजुअल्टी, हास्टल और आवासीय परिसर में सुरक्षा के इंतजाम किए जाए।

मेडिकल छात्रों के खिलाफ हिंसा की किसी भी घटना की कालेज प्रबंधन द्वारा तुरंत जांच होनी चाहिए। पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए। हिंसा की किसी भी घटना पर एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट बनाकर 48 घंटे के भीतर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को भेजी जानी चाहिए। डॉक्टरों ने शाम को कैंडल मार्च भी निकाला। घटना के बाद से डॉक्टर लगातार विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को काली पट्टी बांधकर डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया था।

स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने किया समर्थन –

छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का समर्थन किया है। संघ के जिला अध्यक्ष एसएस सोनी ने कहा कि संघ बंगाल में जूनियर डाक्टर के साथ हुई घटना की घोर निंदा करता है। दोषियों को कठोर सजा दी जाए।भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए कठोर कानून बनाया जाए।

 

 

 

 

 

 

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