BreakingChhattisgarhGovernmentPolitics

चैतन्य बघेल की रिहाई ! बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा- उनके मंसूबे कामयाब नहीं होंगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले मामले में लगभग 168 दिनों से जेल में बंद चैतन्य बघेल को जमानत मिल गई है, जिसके बाद आज उनकी रिहाई होने जा रही है। जमानत की खबर सामने आते ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। रिहाई से पहले आज सुबह से ही रायपुर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर बड़ी संख्या में समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता पहुंचने लगे, जहां उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। वहीं रायपुर केंद्रीय जेल के बाहर ढोल-नगाड़ों, नारों और मिठाइयों के साथ भारी संख्या में कांग्रेस नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ता मौजुद है।

भूपेश बघेल का भाजपा पर सीधा हमला, कहा- उनके मंसूबे कामयाब नहीं होंगे

इस मौके पर बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, “भाजपा के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। यह पूरी कार्रवाई षड्यंत्रपूर्वक की गई थी, लेकिन न्यायपालिका पर हमें पूरा भरोसा था। आज सभी के चेहरे पर भारी उत्साह है।”

कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह

चैतन्य बघेल की जमानत के बाद कांग्रेस नेता-कार्यकर्ताओं में भारी जोश देखने को मिला। समर्थकों ने पूर्व मुख्यमंत्री को बधाई दी और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर कर रहे है।

देखें LIVE VIDEO

ED ने चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन किया था गिरफ्तार

ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई।

क्या है शराब घोटाला ?

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है. दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। ED ने अपनी जांच में पाया है कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।

अब तक इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी

शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, सौम्य चौरसिया शामिल हैं। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button