
एसोसिएशन के महासचिव विक्रम सिसोदिया ने बताया कि बैठक में खेलों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:
- आगामी खेल बजट की रूपरेखा और वित्तीय योजनाओं का प्रस्ताव।
- पिछले वित्तीय वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट पर समीक्षा।
- प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीतियाँ और कार्यक्रम।
- उद्योग जगत को खेलों से जोड़कर खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
बैठक के दौरान यह भी तय किया जाएगा कि कैसे खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रतियोगिता की सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके और राज्य में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके।
खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीदें
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का मानना है कि यह आमसभा खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीदें लेकर आएगी। इससे न केवल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रदर्शन में सुधार होगा, बल्कि खेलों के विकास के लिए दीर्घकालिक और ठोस योजनाएँ लागू की जा सकेंगी।
गौरतलब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि खेलों और खिलाड़ियों का उत्थान उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके नेतृत्व में होने वाली इस बैठक से उम्मीद जताई जा रही है कि खेल सुविधाओं में सुधार, नए प्रशिक्षण कार्यक्रम और राज्य स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन की यह वार्षिक आमसभा प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में नई दिशा और उत्साह का संकेत माने जा रहे हैं।