

बैठक के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने लंबित अपराधों के निपटान को लेकर चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की. जानकारी दी गई कि वर्ष 2023 के पूर्व के लगभग 2100 लंबित प्रकरणों में से पिछले छह महीनों के भीतर लगभग 1850 प्रकरणों का निराकरण किया गया है, जो सराहनीय है. उन्होंने अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए निर्देश दिए कि शेष लंबित मामलों के साथ-साथ नवीन कानूनों के तहत दर्ज किए गए अपराधों की भी सतत निगरानी की जाए. कोर्ट, चिकित्सा विभाग और अन्य संबंधित संस्थानों से समन्वय स्थापित करते हुए गुणवत्तापूर्ण विवेचना कर अपराधों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए.
आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए बैठक में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए कार्य योजना तैयार करने पर विस्तृत चर्चा की गई. आम्र्स एक्ट, मारपीट और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की निगरानी के लिए आसूचना संकलन और आंकड़ों की समीक्षा के आधार पर उन्हें गुण्डा-बदमाश सूची में शामिल करने तथा उनके विरुद्ध एनएसए, जिला बदर और अन्य प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए. पुलिसिंग को प्रिडिक्टिव और प्रिवेंटिव दृष्टिकोण पर केंद्रित करने पर जोर दिया गया.
साथ ही ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां प्रकाश की व्यवस्था सुधारने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए.
सभी अधिकारी-कर्मचारी को हेलमेट लगाने के निर्देश
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से बैठक में यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया. विशेष रूप से सभी शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों को वाहन चलाते समय शत-प्रतिशत हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं.