
वहीं सूत्रों की माने तो बैंक का एक अकेला कर्मचारी इतनी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सकता. इसके पीछे लोन डिपार्टमेंट के कई अन्य अधिकारियों की भी मिली भगत हो सकती है. क्योंकि बैंक के पास लगातार इस मामले में शिकायतें बढ़ रही हैं. जिससे यह फ्रॉड कई करोड़ रुपए में देखा जा सकता है. अब तक बैंक एक ओर जहां 43 लोगों के ढाई करोड रुपए गबन होने की पुष्टिकर पुलिस थाने में इसको लेकर शिकायत दर्ज करा चुका है. वहीं सूत्रों की माने तो यह रकम 10 करोड़ रुपए से भी अधिक हों चुकी है. लेकिन बैंक अब इस मामले को शांत करने में लगा हुआ है.
बताया जाता है कि इस घोटाले में ज्यादातर सीनियर सिटीजन लोग पीड़ित हैं. बड़े व्यापारी जो इस घटना के शिकार हुए वह इनकम टैक्स के डर से चुप बैठ गए हैं, पेंशन संगठन के द्वारा जो सदस्य पीड़ित है अपनी पीड़ा किसी को बता नहीं पा रहे. पंचायत के सचिव एक समय में जिन्होंने आंख बंद करके एक्सिस बैंक पर भरोसा किया. आज वे खुद अपने सैलरी खातों में हुई धोखाधड़ी के कारण बैंक के चक्कर काटने मजबूर हैं.