October 24, 2026

NewDelhi : CJP प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, जानें उनके राजनीतिक सफर की पूरी कहानी

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NewDelhi : नीट प्रश्नपत्र लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोपों के बाद देश भर में भड़के छात्र आंदोलन के सामने झुकते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

IYC to intensify nationwide protests, demands removal of Education Minister  Dharmendra Pradhan

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने 1998 में औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने से पहले, अपने छात्र जीवन के दौरान ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ (ABVP) के कार्यकर्ता के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी.

विद्यार्थी परिषद से संसदीय राजनीति तक का सफर

1990 के दशक में उन्होंने संगठन में कई महत्वपूर्ण पद संभाले. वे 1993 में एबीवीपी के राज्य सचिव और 1995 में राष्ट्रीय सचिव बने.

विधानसभा और सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार: उन्होंने ओडिशा से चुनावी राजनीति में प्रवेश किया. 2000 से 2004 तक वे ओडिशा विधानसभा के सदस्य रहे, जहाँ उन्हें सर्वश्रेष्ठ विधायक का ‘उत्कलमणि गोपबंधु प्रतिभा सम्मान’ प्रदान किया गया.

युवा मोर्चा का नेतृत्व: 2001 में वे ओडिशा भाजपा युवा शाखा के अध्यक्ष और 2002 में राष्ट्रीय सचिव बने. 2004 में 14वीं लोकसभा के लिए चुने जाने के उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया.

संसदीय समितियां और केंद्र में मंत्री पद

धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी राजनीतिक यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों में कार्य किया:

2004 में लोकसभा में प्रवेश के बाद वे याचिका समिति और ऊर्जा समिति के सदस्य रहे.

2012 से 2014 के बीच वे सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति तथा टेलीकॉम लाइसेंस व स्पेक्ट्रम आवंटन की जांच करने वाली संयुक्त संसदीय समिति (JPC) में शामिल रहे.

वे 2012 से 2018 तक राज्यसभा के सदस्य रहे और जून 2024 में 18वीं लोकसभा के लिए पुनः चुने गए.

धर्मेंद्र प्रधान ने संभाली इन मंत्रालयों की जिम्मेदारी

सितंबर 2017: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री.

मई 2019-जुलाई 2021: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री.

7 जुलाई 2021 से: केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री.

जून 2024 के आम चुनावों के बाद 18वीं लोकसभा में भी उन्हें पुनः शिक्षा मंत्रालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी.

धर्मेंद्र प्रधान का व्यक्तिगत जीवन

26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में जन्मे धर्मेंद्र प्रधान पूर्व केंद्रीय मंत्री देबेंद्र प्रधान और बसंत मंजरी प्रधान के पुत्र हैं. उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय से एंथ्रोपोलॉजी (मानव विज्ञान) में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री प्राप्त की है. 1998 में उनका विवाह मृदुला ठाकुर प्रधान के साथ हुआ और उनके एक बेटा तथा एक बेटी हैं.

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