बूढ़ा तालाब चौपाटी की फिर खुली दुकानें! महापौर मीनल चौबे ने शिकायत पर निरीक्षण कर करवाया सील

बूढ़ा तालाब चौपाटी की फिर खुली दुकानें! महापौर मीनल चौबे ने शिकायत पर निरीक्षण कर करवाया सील

रायपुर। रायपुर के प्रतीकों में से एक बूढ़ा तालाब की चौपाटी की दुकानें फिर से खुल गईं. इस बात की शिकायत मिलने पर महापौर मीनल चौबे रविवार सुबह निरीक्षण करने पहुंची. दुकान खुलने पर निगम अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सील करने के निर्देश दिए.

सुबह चौपाटी का नजारा अलग ही थी, एक तरफ घूमने-फिरने के लिए आने वाले लोगों को रोकने पर पहले गार्ड और उसके बाद ठेकेदार को फटकार लगाई. इसके साथ ही बिना पार्किंग के दुकानों के खुलने पर अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई. दुकान मालिक के पर्यटन विभाग से अनापत्ति मिलने की दलील को दरकिनार करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम क्षेत्र में स्थित होने की वजह से उन्हें निगम के नियमों का पालन करना होगा. इसके साथ ही उन्होंने निगम अधिकारियों से तीनों दुकानों को सील करने का निर्देश दिया.

बिना पार्किंग नहीं खुलेंगी दुकानें

मीडिया से चर्चा में महापौर मीनल चौबे ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से शिकायत मिल रही थी कि बूढ़ा तालाब के चौपाटी की तीन दुकानें खुल गई हैं. आज उसी का निरीक्षण करने आए हैं, और इस बात की जानकारी ली कि बिना निगम की अनुमति के कैसे दुकानें खुल गई हैं. बिना पार्किंग के किसी भी प्रकार के व्यावसायिक गतिविधियों को शुरू नहीं कर सकते हैं. निगम के पास उनके पास कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं है. जो जनता नहीं चाहेगी, वह हम नहीं होने देंगे. (चौपाटी) सामने स्कूल है. पूर्व में (दुकानों के) मालिक आए थे, उन्होंने कहा कि हमारा यहा बहुत पैसा लग गया है. जो जनता चाहेगी, वहीं बूढ़ा तालाब में होगा.

 

पूर्ववर्ती सरकार का किया धरा

महापौर मीनल चौबे ने पूर्ववर्ती सरकार पर बूढ़ा तालाब में चौपाटी खोलने का आरोप मढ़ते हुए कहा कि हम हमेशा इस तरह के व्यावसायिकरण का विरोध करते रहे हैं. हम आगे भी करते रहेंगे. दुकान मालिक का कहना है कि पर्यटन विभाग से अनुमति मिल गई है. लेकिन नगर निगम के सीमान्तर्गत होने की वजह से कोई भी व्यावसायिक गतिविधि के लिए पार्किंग होना जरूरी है. स्कूल के सामने आप पार्किंग दे नहीं सकते हैं. तो किसी भी विभाग को इस प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों से बचना चाहिए. उन्होंने इसके साथ दुकानों को तत्काल सीलबंद करवा रहे हैं, आगे देखते हैं कि क्या करना है.

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