
प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने पत्र में लिखा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी राज्य पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा पुस्तकों का वितरण किया जाना था, लेकिन स्कूल खुलने के एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक किसी भी स्कूल को किताबें नहीं मिली हैं. पुस्तकों की खेप अभी तक डिपो तक भी नहीं पहुंची है। ऐसे में आशंका है कि विद्यार्थियों को किताबें मिलने में 15 जुलाई तक का समय लग सकता है। इस एक महीने के दौरान छात्र को पढ़ाने के लिए कुछ भी नहीं है.
सीएम साय से आग्रह किया कि जब तक किताबें नहीं मिलतीं, तब तक कम से कम पाठ्य पुस्तकों की पीडीएफ कॉपी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाए, जिससे स्कूल शुरुआती पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू कर सकें. उनका यह भी कहना है कि विलंब के चलते कई निजी स्कूलों ने अब निजी प्रकाशकों की किताबें अपने छात्रों को देना शुरू कर दिया है.
